विक्रमशिला सेतु के समानांतर फोरलेन पुल गंगा नदी में अक्टूबर से निर्माण कार्य शुरू.. 2025 तक निर्माण कार्य पूरा

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विक्रमशिला पुल के समानांतर पुल के निर्माण में अब नया पेच
विक्रमशिला पुल के समानांतर पुल के निर्माण में अब नया पेच

विक्रमशिला सेतु के समानांतर फोरलेन पुल गंगा नदी में अक्टूबर से निर्माण कार्य शुरू

भागलपुर : गंगा नदी पर प्रस्तावित फोरलेन पुल के निर्माण के लिए 177 हरे पेड़ अपनी कुर्बानी देंगे। वन विभाग ने इसके लिए एनओसी दे दी है। हालांकि विभाग ने इस शर्त पर एनओसी दी है कि इतने ही पौधों को लगाना भी होगा। वहीं, गंगा नदी में पानी होने के कारण अक्टूबर से निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।

बरारी में गंगा नदी पर विक्रमशिला सेतु के समानांतर फोरलेन पुल का निर्माण होना है। इसके लिए बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने चार माह पहले वन विभाग और अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की मांग की थी। वन विभाग से पुल निर्माण के लिए निगम को अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल गई है, लेकिन जलमार्ग प्राधिकरण से अबतक निगम को एनओसी नहीं मिल सकी है। प्राधिकरण से एनओसी नहीं मिलने की वजह से निर्माण एजेंसी का चयन होने के बावजूद वर्क आर्डर जारी करने में विलंब हो रहा है।

अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग प्राधिकरण से एनओसी मिलने पर जारी होगा वर्क आर्डर

पुल निर्माण निगम के अधिकारियों के अनुसार सड़क संख्या की तरह ही नेशनल वाटरवेज की भी संख्या होती है। भागलपुर (सुल्तानगंज से कहलगांव तक) डॉल्फिन अभ्यारण क्षेत्र है। भागलपुर नेशनल वाटरवेज वन की श्रेणी में आता है। प्राधिकरण से एनओसी प्राप्त होने पर केंद्रीय भूतल परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से वर्क आर्डर जारी करने की संभावना है।

गंगा में छह माह ही काम हो पाता है। बरसात में जलस्तर काफी बढऩे से गंगा नदी में कार्य करना संभव नहीं होता है। इसलिए अब बरसात के बाद अक्टूबर से पहले निर्माण शुरू नहीं हो पाएगा।

पूरब की ओर विक्रमशिला सेतु से पचास मीटर की दूरी पर 838 करोड़ की लागत से बनने वाले इस पुल का ठीका एलएंडटी को मिला है। 4.455 लंबे इस पुल के निर्माण पूरा करने का लक्ष्य 2025 तक रखा गया है। गंगा नदी पर 120 मीटर का स्पेन बनेगा। पुल के नीचे पानी का जहाज निकलने के लिए इनलैंड वाटरवेज अथारिटी आफ इंडिया की आवश्यकतानुसार पर्याप्त स्पेश छोड़ा जाएगा।

पुल के दोनों तरफ बनेगा फुटपाथ

68 पाए वाले इस पुल के दोनों ओर फुटपाथ बनेगा। भागलपुर की ओर 987 मीटर और नवगछिया की ओर 875 मीटर पुल का पहुंचे पथ बनना है। इसके लिए 21.3 हेक्टेयर भू-अर्जन की कार्रवाई लगभग पूरी हो चुकी है। जिसमें 255 रैयतों की भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई होगी। भू-अर्जन में 59 करोड़ राशि खर्च होंगे। अगले दस साल तक निर्माण एजेंसी को ही पुल का संरक्षण करना होगा। इस पुल के बनने से पुराने विक्रमशिला सेतु पर वाहनों का दवाब काफी कम हो जाएगा। जाम से भी लोगों को निजात मिल जाएगी। उधर, अधिकारियों का कहना है कि दस गुना यानी 1770 पौधे लगाने होंगे। ये वन विभाग तय करेगा कि कहां पौधे लगाए जाएंगे। इसके लिए 15 लाख रुपये वन विभाग ने मांगे हैं।

रेलवे क्वार्टर से हटेगा अतिक्रमण, अवैध झुग्गी-झोपडिय़ों पर चलेगा बुलडोजर

फोरलेन पुल निर्माण कार्य शुरू होने से पहले अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई होगी। निर्माण स्थल के पास बनी अवैध झुग्गी-झोपडिय़ां हटाई जाएंगी। रेलवे क्वार्टरों को खाली कराया जाएगा। क्वार्टरों को बुलडोजर से जमींदोज किया जाएगा। रेलवे की 10 बीघा जमीन 35 साल पहले ही पथ निर्माण विभाग ने अधिग्रहण कर ली थी। इस जमीन पर निर्माण एजेंसी एलएंडटी को प्लांट के लिए देने पर विचार किया जा रहा है। इससे विभाग को सालाना लाखों रुपये के राजस्व की प्राप्ति होने के साथ ही एजेंसी को निर्माण सामग्रियां निर्माण स्थल तक ले जाने में यातायात की समस्या से जूझना नहीं पड़ेगा। निर्माण कार्यों में बाधा उत्पन्न नहीं हो, इसलिए रेलवे क्वार्टरों को तोड़ दिया जाएगा। झुग्गी-झोपडिय़ां बनाकर रहने वालों को भी खाली कराया जाएगा। वहीं मिनिस्ट्री आफ रोड ट्रांसपोर्ट हाइवे (मोर्थ) के कार्यपालक अभियंता अभिनव कुमार सहित दो पदाधिकारियों की यहां पोस्टिंग की गई है। हाउसिंग बोर्ड कालोनी के पास कार्यालय के लिए किराए के मकान भी लिए गए हैं।

बता दें कि कोई भी नेशनल हाइवे परियोजना का काम मंत्रालय की निगरानी में होता है। इस पुल के निर्माण में मोर्थ की राशि से होना है।

मंत्रालय से अबतक वर्क आर्डर नहीं मिल सका है। वर्क आर्डर जारी होने पर ही चयनित एजेंसी एलएंडटी से एग्रीमेंट होगा। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो पाएगा। -राम सुरेश राय, वरीय परियोजना अभियंता, पुल निर्माण निगम।

मुख्‍य बातें

– पुल निर्माण निगम ने वन विभाग और अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग प्राधिकरण से मांगी थी एनओसी

– प्राधिकरण से एनओसी नहीं मिलने से नहीं जारी हो रहा वर्क आर्डर

– अब अक्टूबर में शुरू होगा पुल का निर्माण कार्य

– 838 करोड़ रुपये की लागत से विक्रमशिला सेतु से पचास मीटर की दूरी पर बनेगा नया पुल

– 4.455 लंबा होगा यह प्रस्तावित पुल

– 120 मीटर का स्पेन बनेगा गंगा नदी पर

– 40 साल पुराने हैं सभी पेड़

– 2025 तक निर्माण कार्य पूरा करने का रखा गया है लक्ष्य

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