राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई गई स्वामी विवेकानंद जयंती

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राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई गई स्वामी विवेकानंद जयंती
राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई गई स्वामी विवेकानंद जयंती

राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई गई स्वामी विवेकानंद जयंती

पूरनमल सावित्री देवी बाजोरिया सरस्वती शिशु मंदिर नरगा कोठी के भैया बहनों एवं आचार्यों द्वारा विद्यालय बंद रहने के कारण ऑनलाइन विवेकानंद जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई गई। कार्यक्रम का प्रारंभ शिशु मंदिर प्रभारी जितेंद्र प्रसाद द्वारा विवेकानंद के चित्र पर पुष्पार्चन कर प्रारंभ किया गया। जितेंद्र प्रसाद ने भैया बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि आज पूरे देश में राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में स्वामी विवेकानंद की जयंती मनाई जा रही है। हम सबों को स्वामी विवेकानंद के प्रेरणादायक संदेश से सीख लेनी चाहिए।

हम दूसरों की जितनी मदद करते हैं उतना ही हमारा दिल निर्मल होता है। पवित्रता, धैर्य और उद्यम यह तीन गुण हमारे अंदर होनी चाहिए। हमें जब तक जीना है तब तक कुछ न कुछ सीखते रहना है। खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है। आज के इस मौके पर हम सबों को स्वामी विवेकानंद जी को याद करते हुए उनके विचार जानना चाहिए विचारों को आपस में आदान-प्रदान करना चाहिए तथा अपने जीवन में प्रेरणादाई संदेशों को उतारना चाहिए। जयंती प्रमुख शशिकांत आचार्य ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार बहुत प्रेरणादायक हैं।

जिन्हें अपनाकर आप स्वयं का ही नहीं बल्कि अपने समाज का भी विकास कर सकते हैं। कम आयु में भी अधिक से अधिक ज्ञान और भगवान को प्राप्त किया जा सकता है जिनका उदाहरण स्वामी विवेकानंद है। कक्षा तृतीय, चतुर्थ एवं पंचम के भैया बहनों द्वारा भी ऑनलाइन स्वामी विवेकानंद के विचार प्रस्तुत किए गए। साथ ही विद्यालय के आचार्य/ आचार्या द्वारा भी स्वामी विवेकानंद के विचार बताए गए। इस अवसर पर जितेंद्र प्रसाद, मनोज तिवारी ,शशि भूषण मिश्र, उपेंद्र प्रसाद साह, दीपक कुमार, अभिजीत आचार्य, सुबोध झा, सुबोध ठाकुर, अमर ज्योति, गोपाल प्रसाद सिंह, शशिकांत गुप्ता ,अंजू रानी, कविता पाठक, सुप्रिया कुमारी, ललिता झा, रेनू कुमारी एवं ऑनलाइन जुड़े विद्यालय के भैया बहन उपस्थित थे।

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