नवगछिया : पशु चिकित्सालय के बाहर कूड़े के ढेर में मिली लाखों रुपए की मवेशियों की दवा

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नवगछिया : पशु चिकित्सालय के बाहर कूड़े के ढेर में मिली
नवगछिया : पशु चिकित्सालय के बाहर कूड़े के ढेर में मिली

नवगछिया : पशु चिकित्सालय के बाहर कूड़े के ढेर में मिली

नवगछिया : मवेशियों के इलाज के लिए रंगरा प्रखंड के रंगरा गांव में सरकार ने करोड़ों रुपए की लागत से भवन बनाकर यहां स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई है। लेकिन पशु चिकित्सालय में पदस्थापित डॉक्टरों की लापरवाही से इलाके के पशुपालकों के मवेशियों का समुचित इलाज नहीं हो रहा है। इसका ताजा उदाहरण रविवार को सामने आया। जहां अस्पताल भवन के पीछे खंडहर में कूड़े की ढेर में लाखों रुपए की दवाइयां फेंकी मिली। इसमें करीब पांच प्रकार की दवाएं, इंजेक्शन और सिरिंज थे। सभी दवाइयां अलग-अलग कार्टन में फेंकी गई थीं। कई के सील भी नहीं खुले थे। इससे पशु चिकित्सालय की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। कूड़े के ढेर में फेंकी गई दवाइयों के बारे में जब पता लगाया गया तो मालूम हुआ कि सभी दवाएं पशुओं के लिए खुर और मुख सहित अन्य रोगों में काम आती हैं। कुछ दवाइयों पर 2017 का एक्सपायरी डेट अंकित था।

वहीं अन्य दवाई सिरिंज अब भी इस्तेमाल किए जाने योग्य थे। बावजूद सभी दवाई और इंजेक्शन कूड़े के ढेर में पड़ी हुई थीं। मौके पर मवेशियों के लिए दवा लेने आए ग्रामीणों ने बताया कि यहां डॉक्टर कभी-कभी ही आते हैं। दवा मांगने पर कहते हैं कि अस्पताल में दवा उपलब्ध नहीं है। अस्पताल के डॉक्टर को जब दवा फेंकने की जानकारी मिली तो उन्होंने दवाई और इंजेक्शन वहां से हटावा दिया था। इस संबंध में अस्पताल के डॉक्टर गोपाल कुमार से जब पूछा गया तो पहले तो उन्होंने इससे इनकार किया। फिर कहा कि यह दवाइयां एक्सपायरी हैं और हमारे समय की नहीं है। जब उनसे यह सवाल किया गया कि कूड़े में फेंकी गई सुई और सिरिंज अब भी यूज की जा सकती हैं। तब उन्होंने कहा कि हां, हमने ही वहां रखवाया था।

डॉक्टर पर कार्रवाई के लिए विभाग को लिखेंगे पत्र : सांसद

सांसद अजय मंडल ने इस संबंध में कहा कि अगर इस तरीके से दवाइयों को फेंका गया है तो यह बड़ा अपराध है। संबंधित डॉक्टर पर कार्रवाई के लिए विभाग और प्रशासन को पत्र लिखेंगे। पूर्व सांसद शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कहा कि इस सरकार में इसी तरह की व्यवस्था है। लगातार अस्पतालों में दवाइयां नहीं मिलना और फेंके जाने का मामला सामने आ रहा है। मवेशियों के लिए दी गई दवा अस्पताल प्रबंधन द्वारा कूड़ेदान में फेंकी जा रही हैं। वहीं गोपालपुर विधायक गोपाल मंडल ने कहा कि हमें इसकी जानकारी नहीं है।

यह गंभीर मामला है, जांच के बाद होगी कार्रवाई

मवेशियों की दवा कूड़े में फेंकना गंभीर मामला है। मुझे इसकी सूचना अब तक नहीं मिली थी। अगर दवाइयां कूड़े में फेंकी गई थी तो इसकी जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -अखिलेश कुमार, एसडीओ, नवगछिया

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