नवगछिया : गांवों का आपस में संपर्क टूटा, सड़कें बह गईं.. महिलाएं सबसे अधिक परेशान

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नवगछिया : गांवों का आपस में संपर्क टूटा
नवगछिया : गांवों का आपस में संपर्क टूटा

नवगछिया : गांवों का आपस में संपर्क टूटा

नवगछिया में गंगा नदी उफान पर है और लगातार खतरे के निशान से ऊपर बढ़ रही है। प्रखंड स्तर पर स्थिति और ज्यादा भयावह हो गई है। मामला नवगछिया के गरैया गांव का है, जहां बाढ़ के बढ़ते दबाव की वजह से बांध टूट गया और गांव के लोगों का आशियाना तेज धार में बह गया। सड़क दो जगहों पर 20 से 50 फीट तक कट कर गंगा में बह गई है। स्थिति यह है कि लोगों को अपना सामान सुरक्षित बाहर निकाल ले जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

गांव की चंपा देवी का कहना है- ‘चार बच्चे हैं। घर बाढ़ के पानी में डूब गया है। ऐसे में सबसे बड़ी समस्या शौचालय और स्नान करने की है। बाढ़ की वजह से घर पानी में बह गया है। शौचालय के लिए थोड़ी दूर दूसरे के घर में जाना पड़ता है। इसके लिए पड़ोसी भी आनाकानी करते हैं।’

चंपा देवी ने बताया- ‘इस उफनती गंगा में हर चीज बह गया है। खाने को कुछ नहीं है। सरकार और जिला प्रशासन की तरफ से भी कोई सहायता नहीं मिल रही है। घर में चार बच्चे और सास हैं। पति बाहर कमाते हैं। सरकार की तरफ से कोई राहत नहीं मिल पा रही है, ऐसे में वो करें तो क्या करें।’

दियारा में फंसे हैं मवेशी

उदय शंकर बताते हैं- ‘बाढ़ की वजह से अभी कई गांव में लोग फंसे हुए हैं। सैकड़ों मवेशी फंसे हैं, उन्हें निकालने के लिए सरकारी व्यवस्था नहीं है। गांव में ज्वेलरी की दुकान है, लेकिन सड़क कट जाने से वहां तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। इस क्षेत्र के विधायक गोपाल मंडल हैं, लेकिन इस विपदा की घड़ी में न तो विधायक आए और न मुखिया न सरपंच। यहां तक कि सरकारी बाबू भी नहीं आए हैं, जिससे कोई राहत मिल सके।’

जान को जोखिम में डालकर खुद निकाल रहे डूबे फसल को

ग्रामीणों का कहना है- ‘खेत में लगे मक्के की फसल खेत में डूब गई है। मवेशियों को चारा की दिक्कत न हो, इसके लिए खेतों में डूबे मकई को खुद काटकर जान जोखिम में डालकर निकाल रहे हैं। हालांकि यह परिस्थिति काफी जोखिमपूर्ण हैं, लेकिन इसके अलावा दूसरा कोई विकल्प भी नहीं दिख रहा है।’

भागलपुर DM सुव्रत सेन ने बताया- ‘बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों में राहत कार्य किए जा रहे हैं। प्रखंड के सभी BDO और CO को अपने-अपने क्षेत्रों में राहत पहुंचाने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’

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