मूर्तिकारों के छलके आंसू

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मूर्तिकारों के छलके आंसू
मूर्तिकारों के छलके आंसू

मूर्तिकारों के छलके आंसू

भागलपुर, पूरे सूबे में कोरोना दस्तक दे चुका है, सारे स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक संस्थान बंद हो चुके हैं, कोरोना का रफ्तार और भी तेजी से बढ़ता जा रहा है जिसके चलते सरकार हो सकता है स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक संस्थान पर आगे तक भी बंद रखने की पाबंदी लगा दे, ऐसे में भागलपुर के मूर्तिकार लॉकडाउन की सम्भावना से सहमे हुए हैं। लगातर दो साल से कोरोना ने मूर्तिकारों की कमर तोड़ दी और अब इस वर्ष भी सरस्वती पूजा को लेकर उन्हें ऑर्डर नहीं मिल रहे हैं। हालाँकि मूर्तिकारों ने सरस्वती प्रतिमाओं को रूप तो दे रहे हैं लेकिन उन्हें ये डर भी सता रहा है कि प्रतिमाएं बिकेंगी या नहीं। भागलपुर रामसर निवासी किष्टो पण्डित लगातार 40 साल से मूर्ति बना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कोरोना से भयभीत तो हैं लेकिन रोजगार हमारा यही है इससे ही हम साल भर परिवार का भरण पोषण करते हैं। सरकार से मांग करते हैं लॉकडाउन नहीं लगाए ताकि हमारी बनाई मूर्ति बर्बाद न हो। मीडिया से बात करते हुए मूर्तिकार बबलु पंडित ने कहा कि हम सभी कर्ज लेकर मूर्ति का निर्माण करते हैं ,मिट्टी का दाम भी बढ़ गया है, बांस बल्ला का भी दाम बढ़ गया है, अगर मूर्ति नहीं बिकती हैं तो हम कहीं के नहीं रहेंगे, सरकार भी हम लोगों पर कोई संज्ञान नहीं ले रही है, आखिर हम परिवार कैसे पालेंगे।

भागलपुर,पूरे सूबे में कोरोना दस्तक दे चुका है, सारे स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक संस्थान बंद हो चुके हैं, कोरोना का रफ्तार और भी तेजी से बढ़ता जा रहा है जिसके चलते सरकार हो सकता है स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक संस्थान पर आगे तक भी बंद रखने की पाबंदी लगा दे, ऐसे में भागलपुर के मूर्तिकार लॉकडाउन की सम्भावना से सहमे हुए हैं। लगातर दो साल से कोरोना ने मूर्तिकारों की कमर तोड़ दी और अब इस वर्ष भी सरस्वती पूजा को लेकर उन्हें ऑर्डर नहीं मिल रहे हैं। हालाँकि मूर्तिकारों ने सरस्वती प्रतिमाओं को रूप तो दे रहे हैं लेकिन उन्हें ये डर भी सता रहा है कि प्रतिमाएं बिकेंगी या नहीं। भागलपुर रामसर निवासी किष्टो पण्डित लगातार 40 साल से मूर्ति बना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कोरोना से भयभीत तो हैं लेकिन रोजगार हमारा यही है इससे ही हम साल भर परिवार का भरण पोषण करते हैं। सरकार से मांग करते हैं लॉकडाउन नहीं लगाए ताकि हमारी बनाई मूर्ति बर्बाद न हो। मीडिया से बात करते हुए मूर्तिकार बबलु पंडित ने कहा कि हम सभी कर्ज लेकर मूर्ति का निर्माण करते हैं ,मिट्टी का दाम भी बढ़ गया है, बांस बल्ला का भी दाम बढ़ गया है, अगर मूर्ति नहीं बिकती हैं तो हम कहीं के नहीं रहेंगे, सरकार भी हम लोगों पर कोई संज्ञान नहीं ले रही है, आखिर हम परिवार कैसे पालेंगे।

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