कोरोना के कारण कांवड़ यात्रा पर लगी रोक, घर बैठे श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन

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धर्म-आध्यात्म : इस बार सावन में चार सोमवार
धर्म-आध्यात्म : इस बार सावन में चार सोमवार

कोरोना के कारण कांवड़ यात्रा पर लगी रोक

कोविड-19 का असर इस वर्ष भी देवघर के प्रसिद्ध मंदिर बाबा बैद्यनाथ धाम में होने वाले श्रावणी मेले पर दिख रहा है। सरकार ने कांवड़ यात्रा पर रोक लगा रखी है। इसके बाद जिला प्रशासन ऑनलाइन दर्शन की तैयारी में जुट गया है। सावन आने में महज छह दिन बाकी हैं, ऐसे में श्रद्धालुओं की उत्सुकता बढ़ती जा रही है। पिछले साल की तरह इस बार भी श्रद्धालु बाबा के दर्शन ऑनलाइन कर सकेंगे।

ऑनलाइन दर्शन के लिए भी स्लॉट निर्धारित किए जाते हैं, जिसे समय रहते बुक करना होता है। यदि स्लॉट की निर्धारित संख्या पूरी हो जाती है तो दूसरे दिन ऑनलाइन बुकिंग की जाएगी। देवघर के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अभी तैयारी चल रही है। दो दिनों में झारखंड सरकार जो निर्णय लेगी, उसके अनुसार कार्य किया जाएगा।

कोरोना को लेकर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए बिहार-झारखंड और बंगाल बॉर्डर पर भी प्रशासन ने बैरिकेडिंग करने का निर्णय लिया है। खासकर सावन में बाहरी श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर तक न पहुंच सके, इसके लिए मंदिर के चहुंओर सभी दरवाजे की बैरिकेडिंग की जाएगी।

हालांकि, इस दौरान स्थानीय पुजारी परंपरागत पूजा कर सकेंगे। इधर, बाहरी श्रद्धालुओं को रोकने के लिए देवघर जिला में प्रवेश करने की सभी सीमा जैसे जमुई, बांका, गिरिडीह, दुमका के बार्डर पर चेक नाका लगाया जाएगा। बताया जाता है कि यहां से देवघर की सीमा में प्रवेश करने वालों को उचित कारण जैसे मेडिकल, शादी या अन्य प्रमाण देना होगा, तभी एंट्री मिलेगी।

2020 में पहली सोमवार को 2 लाख लोगों ने किया था ऑनलाइन दर्शन

साल 2019 में सावन की पहली सोमवारी पर बाबा धाम पहुंचने श्रद्धालुओं की संख्या 1.75 लाख थी। 2020 में कोरोना के कारण बाबा धाम में एंट्री पर रोक लग गई। प्रशासन ने ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था करवाई थी। 2020 में सावन की पहली सोमवारी पर ऑनलाइन दर्शन करने वालों की संख्या 2 लाख से भी ज्यादा पहुंच गई थी। जिला प्रशासन के मुताबिक, सिर्फ देवघर डीसी के सोशल मीडिया पेज पर सोमवार शाम तक एक लाख से अधिक लोग बाबा का दर्शन कर चुके थे। यदि देवघर पीआरडी और राज्य सरकार की वेबसाइट तथा सोशल मीडिया पर दर्शन का आंकड़ा जोड़ें तो 2 लाख से भी ज्यादा लोगों ने सोमवार को बाबा के दर्शन किए।

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  1. […] श्रावण मास में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है। इस मास में अगर प्रत्येक दिन पूजन नही कर सके तो उन्हें सोमवार को शिव की पूजा अवश्य करनी चाहिए। सोमवार को व्रत रखकर शिव आराधना, अभिषेक इत्यादि करनी चाहिए। श्रावण मास में जितने भी सोमवार पड़ते हैं, उन सब में शिवजी का व्रतोपवास किया जाता है। इस व्रत में प्रातः स्नान, गंगा स्नान अन्यथा किसी पवित्र नदी, सरोवर या विधि पूर्वक घर पर ही स्नान करके शिवालय जाकर यथा विधि षोडशोपचार पूजन, अभिषेकादि करना चाहिए। इसके बाद श्रावण मास महात्म्य शिव महापुराण की कथा सुनने का भी विशेष महत्व है। भगवान शिव का यह व्रत सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करता है। इस मास में की गई साधना पूर्ण फलदायी होती है। क्योंकि इस मास का प्रत्येक दिवस सर्वकामना सिद्धि प्रदायक अमृत महोत्सव की गरिमा को अपने अंदर समेटे हुए होता है। यह जानकारी गोसपुर निवासी आचार्य धर्मेन्द्र नाथ शास्त्री ने दी। […]

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